इशारा काफी है
द्विशा शर्मा के नाम से आप सब परिचित हो ही होंगे। हमारे यहाँ लड़कियों के नाम कुछ भी हो, लेकिन किस्मत मिलती-जुलती ही है। अनपढ़ रहो, गृहिणी रहो, नौकरी करो, बेवकूफ रहो या स्मार्ट नतीजा एक ही। यानी या तो मार दिया जायेगा, या मरने के लिए विवश कर दिया जायेगा। दोनों ही स्थिति में परिजन बच नहीं पायेंगे। पति तो बिल्कुल भी नहीं। इसीलिए पुरुष वर्ग को अब सचेत हो ही जाना चाहिए, कि स्थिति चिंताजनक है। अगर तुम एडजस्ट नहीं कर पा रहे हो और लड़की स्मार्ट निकली तो तुम्हारे लिए पहाड़, ड्रम, सूटकेस तो है ही, उसके अलावा भी बहुत रास्ते हो सकते हैं। और अगर तुमने पत्नी को ही टाटा-बाय बाय कर दिया तो फिर तो तुम्हारे लिए जेल के दरवाजे, सोशल साइट्स और न्यूज चैनल ही तुम्हारा संसार होगा। मसलन तुम्हारे पास दो साफ-साफ रास्ते हैं, कि अगर जिंदगी चाहते हो तो समझदारी से, प्यार से, अपनी पत्नी के पास बैठिये, उसकी बातों को ध्यान से सुनिये। उसकी समस्या को सुनिये और मिल-जुल कर समाधान निकालिये। इससे आप भी सुरक्षित रहेंगे, आपका परिवार भी और सब अच्छी जिंदगी जी लेंगे। अगर परिवार में आपके बूढ़े मा-पिता हैं, तो उनका बुढ़ापा अच्छे से बितेगा, बच्चे हैं तो उनकी किलकारी सुनने को मिलेगी। लेकिन अगर आपको दूसरा रास्ता पसंद है मसलन अपना रुतबा, अपनी मर्दानी और बीबी को कुछ भी नहीं समझना। सबके सामने उसके ऊपर चिल्लाना, चीखना, झूठ बोलना और उसको शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना तो समझ जाइये कि आप गये और आपका पूरा भी जायेगा। यह सोचेंगे कि पुरुष हैं, परिवार में केवल मेरा ही फैसला चलेगा तो वे दिन चले गये। आजकल की लड़कियाँ पढ़ी-लिखी है और परिवार में उसका बहुत बहुमूल्य स्थान है। घर के छोटे से लेकर बड़े फैसले तक में आप उसकी राय लीजिए। अच्छे से बातचीत कीजिए। गाली-गलौच, झूठ-फरेब, धोखेबाजी मत कीजिए। नहीं तो आप सब की नैया डूब जायेगी। बदलते माहौल की वजह से ही आज की पढ़ी-लिखी आजाद ख्याल की लड़कियाँ शादी के बंधन में बंधना ही नहीं करना चाहती। इसके बावजूद कुछ लड़कियाँ या तो परिवार के दबाव में या फिर प्यार–मोहब्बत की वजह से शादी कर घर-गृहस्थी बसा रही है। पति, बच्चे, ससुराल वालों के साथ-साथ अपनी जिंदगी भी जीना चाहती है। ससुराल वालों को इसको समझना ही पड़ेगा, नहीं तो तुम सब की जिंदगी जेल में बीतेगी या तो फिर जिंदगी ही खत्म। अगर लड़की समय रहते समझ गई, तो तुम सबका कल्याण कर देगी और अगर तुम लोग मिलकर उसका कल्याण किये तो बाकी जिंदगी जेल में बिताने के लिए तैयार रहिये। कभी जमानत पर छूट जायेंगे, तो फिर भी आप सामान्य जिंदगी नहीं जी पायेंगे। आप सोशल साइट्स पर छा जायेंगे। न्यूज चैनलों पर दिखेंगे। घर-घर आप सब की चर्चा होगी। इसीलिए अगर नहीं चाहते कि आपके, आपके परिवार की ऐसे ख्याति हो तो आप पत्नी के साथ बैठिये, बच्चों के साथ बैठिये। अच्छे से बातचीत कीजिए।
आवाज मीठी रखिये। जिस तरह से गर्ल फ्रेंड या दोस्तों के साथ प्यार-अपनेपन से बात करते हैं उसी तरह आप उन सबसे बात कीजिए। अपने पुरुष होने के अहंकार को अब कूडा बनाकर उसको त्याग दीजिए। बहुत साल पुरुष बनकर जी लिये और अब बारी है इंसान बनने की। इंसान बनने की ओर अग्रसर होइये और सच में दिल से, मन से और मस्तिष्क से अच्छे बनिये। कठिन नहीं है, बस थोड़ा धीरज और अपनेपन की जरूरत है। और हाँ, सिर्फ पत्नी के साथ ही, अगर आपको दूसरी लड़की की भी लत है तो भी समझ जाईये, ये कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी है। आपको पता चलेगा भी नहीं, और आप लड़कियों के चपेट में पड़े रहेंगे और फिर एक दिन ... याद आया... जी हाँ, या तो आपके साथ..... या फिर आप .....समझदारों के लिए इशारा काफी है। वैसे भी आप .. सब कुछ जानते हैं।
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